अगर कल खिलाफत क़ायम हो जाये (भाग-3)

महकमा बराऐ दाखिली उमूर इस महकमे का काम तमाम हिफाज़ती उमूर की निगरानी जिस में इंटेलिजेंस, एमरजेन्सी की सहूलियात और फौजी इंटेलिजेंस शामिल है...
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अगर कल खिलाफत क़ायम हो जाये (भाग-2)

रियासत का खाका रियासत का खाका बयान करने से पहले ज़ेल में कुछ अमूर बयान किये गये है: 1. हुकूमत मरकज़ियत (centralization) जब के इदारा (इंतेज़ा...
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अगर कल खिलाफत क़ायम हो जाये (भाग-1)

अगर कल खिलाफत क़ायम हो जाये हम किस तरह मौजूदा हुकूमती निज़ाम और इदारों को इस्लामी निज़ाम में तबदील कर सकते है? खिलाफत का ऐलान कर ने का मतलब ...
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अमरीकी जंग को रोको !

अमरीकी जंग को रोको ! जो मुसलमानों को मुसलमानों से लड़ा रही है!!! 7 मई को पाकिस्तान के मीडिया चैनल पर अवाम से खिताब करते हुए पाकिस्तान के ...
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इस्लामी सियासत

इस्लामी सियासत
इस्लामी एक मब्दा (ideology) है जिस से एक निज़ाम फूटता है. सियासत इस्लाम का नागुज़ीर हिस्सा है.

मदनी रियासत और सीरते पाक

मदनी रियासत और सीरते पाक
अल्लाह के रसूल (صلى الله عليه وسلم) की मदीने की जानिब हिजरत का मक़सद पहली इस्लामी रियासत का क़याम था जिसके तहत इस्लाम का जामे और हमागीर निफाज़ मुमकिन हो सका.

इस्लामी जीवन व्यवस्था की कामयाबी का इतिहास

इस्लामी जीवन व्यवस्था की कामयाबी का इतिहास
इस्लाम एक मुकम्म जीवन व्यवस्था है जो ज़िंदगी के सम्पूर्ण क्षेत्र को अपने अंदर समाये हुए है. इस्लामी रियासत का 1350 साल का इतिहास इस बात का साक्षी है. इस्लामी रियासत की गैर-मौजूदगी मे भी मुसलमान अपना सब कुछ क़ुर्बान करके भी इस्लामी तहज़ीब के मामले मे समझौता नही करना चाहते. यह इस्लामी जीवन व्यवस्था की कामयाबी की खुली हुई निशानी है.